बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर (निप्र)।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले का आखिरकार पुलिस
ने खुलासा कर दिया है। पर्चा लीक करने वाला मुख्य सरगना यूनिवर्सिटी का ही
दैनिकवेतनभागी कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसके साथ ही शिवरीनारायण के
प्राइवेट कॉलेज के सहायक प्राध्यापक, इंजीनियर समेत 8 छात्रों को भी
गिरफ्तार किया है।
बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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बीते 16 मार्च को सिटी कोतवाली पुलिस ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी का पर्चा लीक करने के मामले में अपराध दर्ज किया। इसके बाद से आईजी पवन देव एसपी अभिषेक पाठक के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि कटघोरा के छात्र केशव जासवाल व धीरेंद्र डिक्सेना पेपर का बिक्री कर रहे थे। लिहाजा, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची है।
बुधवार को आईजी श्री देव व एसपी श्री पाठक ने इस चर्चित मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल के जरिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, वाट्सएप व वाइस रिकार्डिंग की तस्दीक की और लिंक जोड़कर छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की।
इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के कुरियारी निवासी छात्र यदुराणा यादव शहर में रहकर डीपी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करता है और करबला में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि खरौद निवासी उसका दोस्त सागर केशरवानी उसे प्रश्नपत्र खरीदी-बिक्री कराया है। लिहाजा, पुलिस ने खरौद से सागर को पकड़कर पूछताछ की। सागर को भी खरौद के नरेंद्र यादव, मुकेश कटकवार ने रकम देने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया है।
उसके बताए अनुसार पुलिस ने नरेंद्र व मुकेश को पकड़कर पूछताछ की। दोनों युवकों ने बताया कि उन्हें खरौद निवासी गीतेश देवांगन व आकाश केशरवानी ने खरीद-बिक्री के लिए दिया था। दोनों युवकों के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, तब उन्हें भी पकड़कर पूछताछ किया गया। गीतेश व आकाश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। बारीकी से पूछताछ करने के बाद दोनों टूट गए।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव ने प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए दिया था। विवि के कर्मचारी राजकुमार का नाम सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने राजकुमार यादव की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि वह विवि में गोपनीय विभाग में दैनिकवेतनभोगी कर्मचारी के पद पर दो साल से काम कर रहा है। वह मूलत: कोनी क्षेत्र के पौंसरा का रहने वाला है और सरकंडा क्षेत्र के दइहानपारा में रहता है। इस पर पुलिस ने उसके घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की पूछताछ में वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा। बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि गोपनीय विभाग के स्ट्रांग रूम में कॉलेजों में प्रश्नपत्र के सील बंद बंडल को निकाल लेता था और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर प्रश्नपत्रों को अपने दोस्त आकाश केशरवानी को दे देता था।
इसके बाद आकाश, गीतेश, मुकेश, अखिल व नरेंद्र यादव प्रश्नपत्रों को महज 1-1 हजार स्र्पए में बेच देते थे। मालूम हो कि आरोपी आकाश केशरवानी बलौदाबाजार स्थित सीमेंट प्लांट में इंजीनियर है। वहीं गीतेश कुमार देवांगन शिवरीनारायण के एसएमएलडी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है। पुलिस इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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